समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव अपनी पत्नी डिंपल यादव और जया बच्चन के साथ आगरा के फतेहपुर सीकरी स्थित सलीम चिश्ती दरगाह पहुंचे, जहां उन्होंने चादर चढ़ाई और मन्नत का धागा बांधा। मीडिया से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि हिंदुस्तानियत और मिली-जुली संस्कृति और मजबूत होनी चाहिए।

उन्होंने संविधान को PDA की “किस्मत की किताब” बताया। उद्योगपतियों की बढ़ती ताकत पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को सोचना चाहिए कि ताकत जनता के हाथ में रहे। बाबरी विध्वंस की तारीख पर उनकी दरगाह यात्रा पर सियासत तेज हो सकती है। उन्होंने आगरा में समाजवादियों के ऐतिहासिक परिणाम का दावा किया।

