
भारत में जहां बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी के लिए बीटेक या एमटेक जैसी डिग्रियों को जरूरी माना जाता है, वहीं भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी Zoho ने एक अलग राह दिखाई है। कंपनी के को-फाउंडर और चीफ साइंटिस्ट श्रीधर वेंबू ने कहा है कि Zoho में नौकरी पाने के लिए किसी डिग्री की अनिवार्यता नहीं है। वेंबू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि अमेरिका की तरह भारत में भी युवाओं को बिना डिग्री के अवसर मिल सकते हैं, बशर्ते कंपनियां आगे की सोच अपनाएं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट अमेरिकी छात्र अब कॉलेज नहीं जा रहे और कंपनियां उन्हें मौका दे रही हैं—यह बड़ा सांस्कृतिक बदलाव है। वेंबू ने भारतीय पैरेंट्स से भी अपील की कि बच्चे डिग्री के बोझ से मुक्त रहें और स्किल पर ध्यान दें। उन्होंने बताया कि Zoho में यदि किसी जॉब पोस्ट में गलती से डिग्री मांगी जाती है, तो वे खुद HR से उसे हटाने के लिए कहते हैं। तेनकासी में 19 साल के युवाओं के साथ काम करने के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए वेंबू ने कहा कि उनकी ऊर्जा और क्षमता बेहद प्रभावशाली रही है

