उपायुक्त ने सक्षम झारखंड कौशल विकास के तहत चल रहे दो केंद्र शहरकोल स्थित जे०आर०एस० टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड एवं शीतला मंदिर रोड स्थित विजनरी नॉलेज मैनेजमेंट का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के क्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षुओं से उनके प्रशिक्षण, व्यवस्था एवं प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उपायुक्त ने कहा कि प्रशिक्षण महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो बच्चों के भविष्य निर्माण का आधार बनती है। यह आवश्यक है कि प्रशिक्षण गंभीरता, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संचालित हो। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी प्रतिभागियों को ध्यानपूर्वक सीखने,

नियमित उपस्थिति रखने और अपने कौशल को निखारने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान उपायुक्त ने रहने, खाने एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्था का भी मूल्यांकन किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो, रहने की व्यवस्था सुरक्षित और साफ सुथरी हो, प्रशिक्षण स्थल पर नियमित निगरानी की जाए, किसी भी तरह की आवश्यक सुविधा में कमी न रहे। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा संचालित यह पहल बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

