
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पहली बार सामने आए प्रशांत किशोर ने जनता से माफी मांगी और प्रायश्चित का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन में वे सफल नहीं रहे, लेकिन बिहार की राजनीति बदलने में उनकी भूमिका रही। किशोर ने स्वीकार किया कि चुनाव में हुई चूक पूरी तरह उनकी जिम्मेदारी है। प्रायश्चित के रूप में वे 20 नवंबर को भीतरहरवा आश्रम में एक दिन का सामूहिक मौन उपवास रखेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे बिहार नहीं छोड़ेंगे और पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है। किशोर ने कहा कि जनता को दिए गए वादों पर ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन उनकी कोशिशें ईमानदार थीं। उन्होंने महिलाओं को दिए जाने वाले 2 लाख रुपये के वादे के पालन पर राजनीति से संन्यास लेने तक की शर्त रखी।

