बाल दिवस पर पाकुड़ राज प्लस टू स्कूल में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन झालसा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार शेष नाथ सिंह के निर्देश पर सचिव रूपा बंदना किरो की उपस्थिति में पाकुड़ राज प्लस टू स्कूल में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।इस दौरान छात्र छात्राओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के सचिव रूपा बंदना किरो ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 पर जागरूक करते कहा कि इस कानून के तहत, विवाह के लिए महिला की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और पुरुष की 21 वर्ष निर्धारित की गई है। यह अधिनियम बाल विवाह पर रोक लगाता है और ऐसे विवाह करने या बढ़ावा देने वालों के लिए कड़ी सज़ा का प्रावधान है। बाल विवाह लड़कियों

और बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव, शिक्षा से वंचित होना, गरीबी और घरेलू हिंसा का शिकार होना और उनके भविष्य के अवसरों का सीमित होना शामिल है। बाल श्रम के बाबत कहा कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का होटल फैक्ट्री या अन्य जगहों पर कार्यरत पाया जाता है तो बाल श्रम कहलाता है जिससे बच्चों पर मानसिक शारीरिक के साथ शिक्षा से वंचित हो जाते है। साथ ही कानूनी जानकारी दी गई। मौके प्रधानाध्यापक, शिक्षक शिक्षिका, छात्र छात्राएं समेत पैरा लीगल वॉलिंटियर्स उपस्थित रहे।

