मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बड़ी सफलता मिली है — 14 लाख की इनामी महिला नक्सली सुनीता ने आत्मसमर्पण कर दिया है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर की रहने वाली सुनीता ने बालाघाट जिले की पितकोना पुलिस चौकी अंतर्गत चिलोरा कैंप में सरेंडर किया। पुलिस महानिरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश की नई नक्सल नीति और बढ़ते दबाव के चलते सुनीता ने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। यह 1992 के बाद पहली बार हुआ है जब किसी महिला नक्सली ने प्रदेश में सरेंडर किया है। सुनीता साल 2022 में माओवादी संगठन से

जुड़ी थी और छत्तीसगढ़ के माड क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर सशस्त्र दल में सक्रिय रही। वह एम.एम.सी जोन की हार्डकोर सदस्य और सीसी मेंबर रामदेर की गार्ड रही है। यह आत्मसमर्पण मध्य प्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के तहत पहला मामला है। पुलिस अब उससे जुड़े अपराधों की जांच करेगी और अन्य नक्सलियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।

