एशिया-प्रशांत क्षेत्र में हालात तेजी से तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। चीन के खिलाफ उसके विरोधी देश एकजुट हो रहे हैं। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को ताइवान पर किसी भी सैन्य कदम को लेकर कड़ी चेतावनी दी है, वहीं फिलीपींस और कनाडा ने चीन के बढ़ते प्रभाव को चुनौती देने के लिए नया रक्षा समझौता किया है। ट्रंप ने रविवार को कहा, “अगर चीन ताइवान पर हमला करता है, तो शी जिनपिंग को उसके नतीजे पता हैं।” जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ताइवान की मदद के लिए सेना भेजेगा, तो उन्होंने कहा,

“आपको पता चल जाएगा अगर ऐसा होगा — और शी जिनपिंग जवाब जानते हैं।” ट्रंप ने बताया कि हाल ही में दक्षिण कोरिया में APEC शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी शी जिनपिंग से मुलाकात हुई थी, लेकिन ताइवान पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा, “जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, चीन ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा, क्योंकि वे उसके परिणाम जानते हैं।

