भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने आखिरकार अपने सुनहरे करियर को अलविदा कह दिया है। 43 साल की उम्र में मिक्स्ड डबल्स में नंबर-1 की रैंकिंग हासिल करने वाले बोपन्ना ने अपने 20 साल लंबे सफर का समापन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए किया। उन्होंने लिखा — “आप किसी ऐसी चीज़ को कैसे अलविदा कहेंगे जिसने आपके जीवन को अर्थ दिया? लेकिन 20 शानदार सालों के बाद समय आ गया है।” कुर्ग के छोटे से शहर से शुरू हुई उनकी यह यात्रा आज भारतीय टेनिस के इतिहास में एक सुनहरी कहानी बन चुकी है। बोपन्ना ने अपने माता-पिता, बहन, कोच, टीम और फैंस का आभार जताते हुए कहा कि “टेनिस ने मुझे वो सब सिखाया, जो जीवनभर काम आएगा।” रोहन बोपन्ना ने

अपने करियर में दो ग्रैंडस्लैम खिताब जीते — 2017 में फ्रेंच ओपन (मिक्स्ड डबल्स) 2024 में ग्रैंडस्लैम डबल्स खिताब मैथ्यू एब्डेन के साथ इन जीतों ने उन्हें ओपन एरा के इतिहास में सबसे उम्रदराज ग्रैंडस्लैम विजेता बना दिया। भारत के इस टेनिस सितारे का सफर भले खत्म हो गया हो, लेकिन उनके हौसले और समर्पण की मिसाल हमेशा जिंदा रहेगी।

