आइसलैंड, जो दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से था जहां कभी मच्छर नहीं पाए जाते थे, यहाँ पहली बार मच्छरों की मौजूदगी देखी गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण अब यह देश कीड़ों के लिए पहले से अधिक अनुकूल हो गया है।

विशेषज्ञों ने पहले ही अनुमान लगाया था कि आइसलैंड में मच्छर पनप सकते हैं, क्योंकि यहां दलदली जमीन और तालाब जैसी जगहें प्रजनन के लिए मौजूद हैं। हालांकि, कई प्रजातियां यहां के सर्द मौसम में जीवित नहीं रह पाएंगी। अब तक आइसलैंड और अंटार्कटिका ही ऐसे स्थान थे जहां मच्छरों का कोई अस्तित्व नहीं था। वैज्ञानिक इसे जलवायु परिवर्तन का एक नया
संकेत मान रहे हैं।

