बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जनसुराज पार्टी में बगावत की लपटें उठने लगी हैं। टिकट न मिलने से नाराज़ एक संभावित प्रत्याशी ने खुलेआम पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गुस्से में उन्होंने हज़ारों जनसुराज लाभ कार्ड और पार्टी के झंडे जला दिए। इस दौरान उन्होंने प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे टिकट देने का वादा किया गया था, जिसके चलते उन्होंने लगभग 50 लाख रुपये चुनावी तैयारियों में खर्च कर दिए। लेकिन आखिरी वक्त में टिकट किसी और को दे दिया गया। नाराज़ प्रत्याशी ने इसे “धोखा” बताते

हुए कहा कि जनसुराज अब जनता का नहीं, बल्कि पैसे वालों का संगठन बन गया है। उधर, पार्टी की ओर से अभी तक इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बिहार की सियासत में यह घटना जनसुराज के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।

