उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अपराध की घटनाओं पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देखी जा रही है। यूपी में किसी भी अपराध की खबर पर लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जवाबदेही की मांग करते हैं और कहते हैं कि उन्हें माफ़ी मांगनी चाहिए। वहीं, बंगाल में अपराध होने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का रुख बिल्कुल अलग है। वे अक्सर अपने लिए

जिम्मेदारी से बचाव करती हैं और कहती हैं कि लड़कियाँ अपनी सुरक्षा खुद करें। इस रवैये को आलोचकों ने पाखंड बताया है। उनका तर्क है कि दूसरों के लिए जवाबदेही तय करना और अपने लिए बहाने बनाना लोकतांत्रिक शासन की मूल भावना के खिलाफ है। जनता का सवाल है कि क्या एक ही देश में अलग-अलग राज्यों में अपराध पर अलग मानक अपनाना उचित है? इस पर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो रही है।

