जी हां झरिया स्टेशन रोड स्थित बड़ा डाकघर जो कि बहुत पुराना और जर्जर अवस्था में है,कल रात इसका एक कमरा गिर गया। खैरियत यही रही कि ये हादसा रात को हुई तब वहां कोई भी,डाक कर्मचारी नहीं था। अब प्रश्न यह है कि यदि यह वर्षों से यह जर्जर अवस्था में है

तो क्या यहां काम करना अपने जान को जोखिम में डालना नहीं है? समय रहते इसकी मरम्मत क्यों नहीं की गई? अब देखना होगा कब तक इसका नवीकरण या मरम्मत होती है और कितना काम बाधित होगा? क्यों मजबूर है इतने जोखिम भरे जगह पर काम करने को कर्मचारी, जहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग आते और जाते हैं? प्रस्तुत है सहयोगी संदीप दत्ता के साथ पंकज सिन्हा की रिपोर्ट झरिया से।

