शारदीय नवरात्र के समापन पर गुरुवार को तारापुर और आसपास के गांवों में विजयदशमी का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर भगवान राम की लीलाओं का मंचन किया गया, जिसके बाद रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

विसाल मैदानों में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। बच्चे, बुजुर्ग और युवा, सभी पुतला दहन देखने के लिए देर शाम तक मौजूद रहे। रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों में आग लगते ही आसमान जयकारों और आतिशबाजी से गूंज उठा। ग्रामीणों ने इस पर्व को समाज में बुराई के अंत और सत्य की जीत का प्रतीक बताया। आयोजकों ने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी गांवों में उत्सव का माहौल रहा और सभी ने त्योहार को खुशी और उल्लास के साथ मनाया।

