अहमदाबाद की सड़कों पर हर नवरात्रि एक 200 साल पुरानी अनोखी परंपरा निभाई जाती है। बारोट समाज के पुरुष साड़ी पहनकर गरबा करते हैं। यह परंपरा सदूबेन की कहानी, त्याग और पश्चाताप से जुड़ी हुई है। स्थानीय लोग और पर्यटक इस रंग-बिरंगे उत्सव का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं। समाज के लोग कहते हैं कि यह परंपरा

संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतीक है, और हर साल इसे बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

