दहेज हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में भभुआ कोर्ट ने पति, सास और ससुर को दोषी करार देते हुए अलग-अलग धाराओं में 7 से 10 साल की सजा सुनाई एंकर —: दहेज लोभ के कारण एक और बेटी की जान चली गई। कोर्ट ने अपराधियों को सजा सुनाकर कड़ा संदेश दिया है।भभुआ व्यवहार न्यायालय के एडीजे थर्ड विनय प्रकाश तिवारी की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने मृतका के पति वीरेंद्र कुमार को 10 साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। वहीं मृतका के ससुर जय श्री राम को 7 साल की सजा और 10 हजार रुपए फाइन की सजा सुनाई गई है। मृतका की सास को भी 10 साल की सजा और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। अपर लोक अभियोजक सतीश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि आरोपियों के खिलाफ धारा 498ए, 304बी और 201 के अंतर्गत दोष सिद्ध किया गया। अदालत ने माना कि

शादी के सात साल के भीतर ही दहेज प्रताड़ना और हत्या का अपराध साबित हुआ। मामला सोनहन थाना क्षेत्र का है। दर्ज प्राथमिकी में बताया गया कि रेखा कुमारी की शादी 5 जून 2022 को धूमधाम से वीरेंद्र कुमार के साथ हुई थी। शादी के मात्र डेढ़ महीने बाद, 23 जुलाई 2022 को रेखा की संदिग्ध मौत हो गई। मृतका की मां सोनिया कुंवर, जो कुदरा थाना क्षेत्र के बभनगांवा गांव की रहने वाली हैं, ने आवेदन देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या दहेज के लिए की गई। परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही दहेज के लिए ससुराल वाले रेखा को प्रताड़ित कर रहे थे। अंततः पति, सास और ससुर ने मिलकर उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जला डाला। कोर्ट ने सभी तथ्यों और गवाहों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए कठोर सजा का ऐलान किया।

