पाकुड़ की दास्तान कालाजार से जंग राष्ट्रीय कालाजार वर्कशॉप के “Best Practices from Field in Kala- azar विषय पर जिले पाकुड़ के उपायुक्त मनीष कुमार ने जिले के कालाजार उन्मूलन मॉडल प्रस्तुत किया। जिसे देशभर से आए गणमान्य व्यक्तियों एवं विशेषज्ञों ने स्टैंडिंग ओवेशन देकर सराहा। प्रस्तुति के अंत में पाकुड़ की संघर्ष यात्रा और कालाजार उन्मूलन की प्रतिबद्धता को दर्शाती एक स्वलिखित कविता सुनाई गई। कविता सुनते ही पूरा

सभागार भाव विभोर हो उठा और सभी ने यह संकल्प लिया कि कालाजार को जड़ से मिटाकर रहेंगे, पाकुड़ की तरह हर जिला इस अभियान में विजयी बनेगा क्योंकि पाकुड़ कहता है अभी नहीं तो कभी नहीं। यह क्षण न केवल पाकुड़ के लिए गर्व का था, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।

