लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और उसके प्रमुख ज्ञानेश कुमार पर तीखा आरोप लगाया है। राहुल ने कहा कि 23 फ़रवरी को FIR दर्ज हुई, कर्नाटक CID ने मार्च में ही चुनाव आयोग से संबंधित नंबरों और लेन-देनों की पूरी जानकारी मांगी, लेकिन आयोग ने जरूरी जानकारी नहीं दी — और अगस्त में भी जवाब अधूरा रहा। उन्होंने बताया कि कर्नाटक CID ने 25 सितंबर तक कुल 18 रिमाइंडर भेजे, तथा कर्नाटक के मुख्य चुनाव

आयुक्त ने भी आयोग से बार-बार जानकारी मांगी पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि यह सब केंद्रीकृत और बड़े पैमाने पर हो रहा है और इसके लिए बड़े संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है — जिससे यह साबित होता है कि CEC कुछ करने वालों को बचा रहे हैं। इस बयान के बाद चुनाव आयोग और CEC की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है।

