
भारत में रक्षा तकनीक का मतलब अब सिर्फ हथियार और मिसाइलें नहीं रह गया है। यह क्षेत्र रोजगार देने वाला, तकनीक बढ़ाने वाला और विदेशी मुद्रा कमाने वाला बड़ा साधन बन चुका है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, इस साल भारत ने रिकॉर्ड ₹23,622 करोड़ के हथियार विदेशों में बेचे हैं। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि देश की बदलती ताकत का प्रतीक है। भारत में बने हथियार आज दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल हो रहे हैं। इस उपलब्धि के पीछे बड़ी भूमिका रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की है। DRDO की मेहनत और नवाचार ने भारत को न सिर्फ आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि रक्षा उपकरणों का निर्यातक भी किया है l आज भारत अपनी ज़रूरतें खुद पूरी करने के साथ-साथ दूसरे देशों की भी मदद कर रहा है। यह सफलता साफ दिखाती है कि रक्षा तकनीक अब भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक पहचान का नया इंजन बन चुकी है l

