
जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट बचपन के अंतर्गत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न क्रियाकलापों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें पूर्व विद्यालयी शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण शिक्षा, पूरक पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य जाँच जैसी सेवाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करना और माताओं के स्वास्थ्य व पोषण संबंधी ज्ञान में वृद्धि करना है।कार्यक्रम में सेविकाओं ने बच्चों के अभिभावकों के साथ बैठक की। बैठक में सभी अभिभावकों से अनुरोध किया गया कि बच्चों को होम वर्क कॉपी जरूर दें। साथ ही बच्चों को होम वर्क कराने पर चर्चा की गई। योग प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को योग कराया गया। आंगनबाड़ी में बच्चों की सीख और प्रगति पर चर्चा की गई। बच्चों का वजन और ऊंचाई मापी गई। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, एएनसी चेकअप, आयरन गोली और खान-पान पर चर्चा की गई। कालाजार, स्वच्छता और गुड टच बैड टच पर चर्चा की गई। आज 16 सितम्बर से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ किया गया। बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा खिलाने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में वृक्षारोपण कर उसे घेरा गया। पोषण ट्रैकर गतिविधियों के फोटो पोषण ट्रैकर पर अपलोड किए गए। उत्कृष्ट कार्य करने वाली सेविकाओं को सम्मानित किया जाएगा।

