सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। इससे लाखों करदाताओं को समय पर अपनी रिपोर्ट दाखिल करने का मौका मिला है और उन्हें विलंब शुल्क या दंड से बचने में मदद मिलेगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, करदाताओं को अब अतिरिक्त समय मिलेगा ताकि वे अपने सभी दस्तावेज़ों और आय के विवरण को सही ढंग से तैयार कर सकें। इससे विशेष रूप से उन लोगों को राहत मिली है, जो समय पर फॉर्म भरने

में असमर्थ थे। सरकार ने यह कदम करदाता मित्र नीति के तहत उठाया है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि करदाता अपनी सभी आय, निवेश और छूट की जानकारी पूरी तरह से सही तरीके से दर्ज करें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी बल्कि टैक्स संग्रह में भी व्यवधान नहीं आएगा।

