
भारत ने एक बार फिर चीन को कड़ा संदेश देने की तैयारी कर ली है। अरुणाचल प्रदेश में 195 किलोमीटर लंबी नदी पर देश का सबसे ऊंचा डैम बनाने का काम शुरू हो गया है। यह डैम न केवल इंजीनियरिंग की दृष्टि से बेहद खास होगा, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी चीन के लिए चुनौती साबित होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह डैम बनने के बाद भारत की बिजली उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। साथ ही, बाढ़ नियंत्रण और जलापूर्ति में भी बड़ी मदद मिलेगी। सबसे अहम बात यह है कि चीन अब इस क्षेत्र में भारत की ताकत को नजरअंदाज नहीं कर पाएगा। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और सीमाई मजबूती दोनों को नई दिशा देगी। इसका निर्माण पूरा होने के बाद भारत एशिया की टॉप हाइड्रोपावर क्षमताओं में शामिल हो जाएगा। यह कदम साफ दिखाता है कि भारत अब “ईंट का जवाब पत्थर” वाली रणनीति अपनाने से पीछे नहीं हटेगा और हर मोर्चे पर अपनी स्थिति मजबूत करेगा।

