
नेपाल में सुशीला कार्की ने अंतरिम प्रधानमंत्री का पद संभाला, लेकिन उनके कार्यकाल की शुरुआत विवादों और विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई। शपथ ग्रहण के कुछ घंटों बाद ही उनके सरकारी आवास के बाहर तनावपूर्ण हालात बन गए। हिंसा में मारे गए युवाओं के परिजन बड़ी संख्या में वहां पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, वे धरना खत्म नहीं करेंगे। इस घटनाक्रम के चलते काठमांडू में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस बल को आवास के बाहर तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की हिंसा को रोका जा सके। विपक्षी दलों ने भी इस मामले में सरकार पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है।

