पाकुड़ पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में संवाददाता सम्मेलन के दौरान मामले का उद्भेदन करते हुए जानकारी दी कि स्थानीय लोगों के माध्यम से सूचना प्राप्त हुआ कि पकुड़िया थाना अंतर्गत तालडीह गनपुरा गांव के नदी के तट तरफ एक अज्ञात महिला का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर पाकुड़िया थाना प्रभारी एवं अन्य पदाधिकारी के साथ सूचना का सत्यापन किया गया। इस दौरान पाया गया कि एक अज्ञात महिला का शव पाकुड़िया थाना अंतर्गत तालडीह गनपुरा गांव के नदी के पास पाया गया है। उक्त शव के शरीर एवं शिर पर चोट का निशान है जिसे देखने से यह प्रतीत हुआ कि इस महिला की किसी अन्य स्थान पर हत्या कर साक्ष्य को छुपाने हेतु शव को लाकर इस स्थान पर फेंका गया है।इस संबंध में पाकुड़िया पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए थाना कांड संख्या 38/25 धारा 103/(1)/ 238/ 3(5) बी एन एस दर्ज करते हुए अनुसंधान प्रारंभ किया गया।शव का अन्त्य परीक्षण कर कराया गया। महिला के अज्ञात होने के कारण डीएनए जांच हेतु आवश्यक कार्रवाई करने हेतु चिकित्सक को अनुरोध पत्र दिया गया। इस कांड के उद्भेदन एवं संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक पाकुड़ के निर्देश एवं महेशपुर एस डी पी ओ के नेतृत्व में एस आई टी का गठन किया गया, जिसमें थाना प्रभारी पाकुड़िया मनोज कुमार महतो के अलावे अन्य पुलिस पदाधिकारी को शामिल किया गया। अनुसंधान के क्रम में कई गवाहों एवं उनसे प्राप्त साक्ष्य की कड़ियों को जोड़ा गया तो पाया गया कि मृत महिला के साथ मृत्यु के पूर्व ग्राम तालडीह गनपुरा का रहने वाला रतन मड़ैया को देखा गया था जो कि

वर्द्धमान में रहकर कबाड़ी चुनने का काम करता है। अनुसंधान टीम वर्धमान एवं सीमावर्ती बंगाल क्षेत्र के विभिन्न स्थानों एवं रेल थाना में जाकर अज्ञात महिला के शब का फोटो से पहचान करने का प्रयास किया तो उक्त अज्ञात महिला की शिनाख्त मुन्नी हेंब्रम उम्र 35 वर्ष पति सुबोल हेंब्रम उर्फ लादेन घोषपाड़ा, आदिवासीपट्टी थाना सदर वर्धमान जिला के रूप में हुई। शव को मृतका के पति ने प्राप्त कर अंतिम संस्कार किया। अनुसंधान के क्रम में रतन मड़ैया के विरुद्ध साक्ष्य पाए गए। कांड के अभियुक्त रतन मड़ैया को लखीजोल के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के क्रम में अभियुक्त ने बताया कि वो मृतिका मुनि हेंब्रम से बंगाल में सात आठ महीना पहले मिला था और उससे प्रेम संबंध के बाद शादी कर लिया उसके बाद दोनों दिल्ली जाकर एक साथ काम करने लगे। दिल्ली में ही रतन मड़ैया को अपनी पत्नी पर अन्य के साथ अवैध संबंध रखने का शक हुआ। वे दोनों वहां से झगड़ा कर वापस वर्धमान दो सप्ताह पहले लौट आए। वर्धमान से वापस तालडीह गांव आ रहे थे जहां रास्ते में दोनों के बीच अवैध संबंध को लेकर झगड़ा हुआ और इस क्रम में अभियुक्त रतन मड़ैया ने मृतका मुनि हेंब्रम को जान मारने की नीयत से अपने हाथ में पहने लोहे के कड़े से उसके सिर पर वार किया जिससे मृतिका जमीन पर गिर गई और उसके बाद उसका गला दबाकर एवं लात घूसों से सीना पेट जगहों पर वार कर हत्या कर दिया। हत्या के बाद शव को दूसरे जगह नदी के तरफ फेंक कर फरार हो गया। अभियुक्त की निशानी पर पूरे घटनास्थल का सत्यापन हुआ एवं उसकी निशानदेही पर लोहे का कड़ा, मृतिका का चप्पल एवं टूटा हुआ लाल रंग का बाला बरामद हुआ। इस कांड में अन्य सभी वैज्ञानिक साक्ष का संकलन कर अनुसंधान किया जा रहा है।

