जी हां घटना कल दिनांक 10 सितंबर दिन बुधवार की शाम की है जब मूसलाधार बारिश हो रही थी धनबाद के झरिया, लोदना थाना क्षेत्र अंतर्गत एरिया 8 में जहां की अधिकांश आवासीय क्वार्टर्स खाली करवा लिए गए हैं,परंतु गिराए नहीं गए है करीब 7 से 8 लोग जिसमें बच्चे,युवा लड़की सभी शामिल है अपना सर छुपाने के लिए ऐसे ही एक छत के नीचे जा रुके इतने में थोड़ी जमीन नीचे को धंसी और ऊपर का घर छज्जा सहित उन लोगों के सर पर आ गिरा जिसमें अभी तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और बाकी गंभीर रूप से घायल हैं । झरिया धनबाद के लिए ये कोई नई घटना नहीं है आश्चर्य तो ये है कि न तो ऐसे मामले को बीसीसीएल प्रबंधन, न कोई नेता, न जिला प्रशासन,और न ही सांसद या विधायक ऐसे मामले को गंभीरता से लेते हैं। हाल ही में

कतरास में भी ऐसी घटना घटी है लेकिन सब लीपा पीती हो गई।एक और घटना में तो NDRF की टीम अभी तक शव को निकालने में लगी हुई है। आउटसोर्सिंग कंपनिया यदि मनमानी करती हैं तो लोगो को ये विचार करने की जरूरत है कि क्या इसमें नेताओं,चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष,जिला प्रशासन और बीसीसीएल के पदाधिकारी के मर्जी के बिना कर सकते हैं? यदि नहीं तो ये कहना झूठ नहीं होगा कि सभी अपने अपने स्वार्थ के लिए मिले हुए हैं और जान जा रही है आम जनता की । प्रस्तुत है सहयोगी संदीप दत्ता के साथ पंकज सिन्हा की रिपोर्ट धनबाद के झरिया लोदना नंबर 8 से।

