तमिलनाडु के तिंडीवनम में डीएमके पार्षदों पर एक लोक सेवक को अपमानित करने का गंभीर आरोप लगा है। मामला अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े एक सरकारी कर्मचारी का है, जिसे डीएमके पार्षदों ने घेर लिया और पार्षद राम्या के पैरों में गिरकर माफी मांगने पर मजबूर कर दिया। यह पहली बार

नहीं है जब डीएमके नेताओं पर ऐसा आरोप लगा हो। इससे पहले मंत्री थिरु राजा कन्नप्पन पर भी एक सरकारी कर्मचारी को जातिसूचक गालियाँ देने का मामला सामने आ चुका है। विपक्ष का कहना है कि डीएमके सामाजिक न्याय की बात करती है, लेकिन उसका असली चेहरा सामाजिक अन्याय से भरा है।

