असम के कामरूप जिले में चल रहे बेदखली अभियान को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए लोगों को धर्म के आधार पर बांटा जा रहा है और उनके खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मौलाना मदनी ने कहा कि बेदखली की प्रक्रिया से ज्यादा दर्दनाक वह रवैया है, जिसमें लोगों को ‘खास समुदाय’, ‘मियाँ’, ‘अज्ञात’ और ‘संदिग्ध’

कहकर संबोधित किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी पर शक है तो उसके शक को दूर करने के वैधानिक तरीके मौजूद हैं, फिर वे तरीके क्यों नहीं अपनाए जा रहे। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई विदेशी है, तो उसे वापस भेजा जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद किसी विदेशी को भारत में रहने का समर्थन नहीं करती, लेकिन बेदखली के नाम पर समुदाय विशेष को अपमानित करना गलत है।
