अज़हर इस्लाम के द्वारा आयोजित जनता दरबार में एक दंपति के माता पिता अपने दामाद और बेटी का तलाक करवाने की अर्जी देकर पहुंचे, उनका कहना था कि बेटी और दामाद के बीच सामंजस्य नहीं रहा। अज़हर ने उनकी बातों को सुनते हुए कहा कि वे तलाक के पक्ष में नहीं हैं जब तक कि दोनों पक्षों में समझौते और सुधार की संभावना हो।प्रयास हमेशा यही रहेगा कि परिवार टूटने के बजाय जुड़े, रिश्तों में दूरियाँ न बढ़ें बल्कि संवाद और सहमति से समाधान निकले। उन्होंने दंपति के अभिभावकों को समझाया कि तलाक आसान रास्ता हो सकता है, लेकिन सबसे अंतिम विकल्प होना चाहिए,पहले

कोशिश होनी चाहिए मेल मिलाप, समझदारी और समाज व बच्चों के भविष्य की। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें सेवा का अवसर दिया है लिहाजा उनका कर्तव्य है कि रिश्तों को टूटने से बचाया जाए और समाज में प्रेम व सद्भाव कायम रखा जाए। जनता दरबार में कई गाँवों और पंचायतों से लोग समस्या लेकर पहुँचे थे।

