मध्य प्रदेश में मेट्रो नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलने जा रहा है। सरकार ने उज्जैन–इंदौर–पीथमपुर मेट्रो परियोजना की डीपीआर तैयार करने के लिए परामर्श शुल्क को मंजूरी दे दी है। पहले चरण में यह लाइन श्री महाकालेश्वर, उज्जैन से लवकुश चौराहा, इंदौर तक और दूसरे चरण में लवकुश चौराहा से पीथमपुर तक जाएगी। इस डीपीआर के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को ₹9 लाख प्रति किलोमीटर की दर से परामर्श शुल्क दिया जाएगा। नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि मेट्रो

केवल इंदौर और भोपाल तक सीमित नहीं रहेगी। इसके जरिए आस-पास के उपनगरों को भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरा नेटवर्क तैयार होने में करीब 20 से 25 साल लग सकते हैं। फिर भी काम पहले ही शुरू कर दिया गया है। इंदौर-उज्जैन और इंदौर-पीथमपुर रूट का सर्वेक्षण जारी है। उम्मीद है कि अगले चार-पांच वर्षों में पीथमपुर से उज्जैन तक मेट्रो सेवा शुरू हो सकेगी। इसके साथ ही इंदौर से देवास और संभव हुआ तो धार तक मेट्रो सेवा बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है। यातायात सर्वेक्षण के आधार पर मेट्रो का विस्तार आगे बढ़ाया जाएगा। यानी मध्य प्रदेश में मेट्रो की पहुंच धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में फैलती नजर आएगी।

