राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ के इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा उदाहरण है जो देश और दुनिया में अनोखा है। गहलोत ने सवाल उठाया कि कैसे एक व्यक्ति, जो शाम तक कार्यरत थे, अचानक इस्तीफा दे देते हैं और उसके बाद किसी से भी संपर्क में नहीं आते। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री का इस्तीफा हो तो हाउस में स्पष्टीकरण दिया जाता है, लेकिन उपराष्ट्रपति का इस्तीफा बिना किसी स्पष्ट कारण के हो गया और सरकार या उनकी तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया। अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि अमित शाह द्वारा स्वास्थ्य कारणों का हवाला देना एक नया बयान या लीपापोती मात्र है। उन्होंने पूछा कि

क्या किसी ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर स्वास्थ्य के बारे में पूछा? उनके अनुसार, पूरा देश जानना चाहता है कि उपराष्ट्रपति कहां हैं और उनकी हालत कैसी है। गहलोत ने जोर देकर कहा कि यह मामला पूरी दुनिया में अनोखा और भ्रमित करने वाला है, और इसका जनता को साफ-साफ जानकारी देना जरूरी है। अशोक गहलोत का यह बयान राजनीतिक और संवैधानिक दृष्टि से बड़े सवाल खड़े करता है।
