गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हमें राजनीति में नैतिकता के मूल्यों को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा – हम ऐसे निर्लज्ज नहीं हो सकते कि हम पर आरोप लगे और फिर भी हम संवैधानिक पद पर बने रहें। अमित शाह के इस बयान को राजनीतिक शुचिता और जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि जनता का

विश्वास तभी कायम रह सकता है जब नेता नैतिक मूल्यों का पालन करें और आरोप लगने की स्थिति में भी जिम्मेदारी का परिचय दें।

