
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक ‘एक्स’ पोस्ट पर सोशल मीडिया में विवाद छा गया। पोस्ट में उन्होंने राज्य की ‘चुटिया समुदाय’ को उच्च शिक्षा में आरक्षण देने की घोषणा की। इस पर कई यूज़र्स ने नाम को लेकर हैरानी जताई, लेकिन वास्तव में यह असम की एक प्राचीन जनजाति है, जिसका गौरवशाली इतिहास है। सीएम सरमा ने बताया कि दशकों से इस समुदाय की आकांक्षाओं को नजरअंदाज किया गया था, लेकिन अब उन्हें उनका हक मिल रहा है—जिसमें वीरांगना सती साधनी की प्रतिमा, 77 करोड़ की आर्थिक सहायता, एक राज्य विश्वविद्यालय और अब विश्वविद्यालयों, पॉलिटेक्निक व इंजीनियरिंग कॉलेजों में आरक्षण शामिल है। इतिहास के अनुसार, चुटिया समुदाय ने 12वीं से 16वीं शताब्दी तक ब्रह्मपुत्र घाटी में चुटिया साम्राज्य की स्थापना की थी। यह मंगोलिया के चीन-तिब्बती परिवार से जुड़ा है और मुख्य रूप से ऊपरी असम में बसता है। इनके लोकगीत, देवी पूजा और सांस्कृतिक परंपराएं आज भी जीवित हैं।

