
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भारत मंडपम में 29वें दिल्ली पुस्तक मेले का उद्घाटन करते हुए कहा कि मोबाइल और ई-गैजेट्स के इस युग में भी किताबों का महत्व बना हुआ है। उन्होंने कहा, “किताबें पढ़ने का जो चाव है, वह किसी स्क्रीन में नहीं मिल सकता।” कार्यक्रम में दिल्ली के कला, संस्कृति और भाषा मंत्री कपिल मिश्रा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने प्रेमचंद समेत कई बड़े लेखकों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह छात्र जीवन से ही साहित्य पढ़ती रही हैं। इस बार पुस्तक मेले में भाषायी एकता और देशभक्ति का संदेश भी शामिल है। “हर घर तिरंगा” अभियान के तहत एक खास सेल्फी प्वाइंट भी लगाया गया है। पहली बार दिल्ली सरकार की विभिन्न अकादमियां भी भाग ले रही हैं। मेले की थीम है: ‘पुस्तकें और प्रकाशन: बहुभाषी भारत का भविष्य’ मेले में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। 100 से अधिक प्रकाशक, पुस्तक लोकार्पण, व्याख्यान और स्कूली प्रतियोगिताएं मेले का हिस्सा हैं।

