
प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी के खिलाफ 17,000 करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड मामले में बड़ा एक्शन लिया है। ईडी ने देश के 12 से ज्यादा बैंकों को नोटिस भेजकर रिलायंस ग्रुप को दिए गए लोन की पूरी जानकारी मांगी है। ये लोन बाद में एनपीए यानी डूबत खाते में बदल गए। ईडी ने अनिल अंबानी को 5 अगस्त को पूछताछ के लिए तलब किया है और उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि उनकी कंपनियों ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन को 68.2 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी दी थी। ईडी का दावा है कि फर्जी ईमेल डोमेन ‘s-bi.co.in’ के ज़रिए SBI की असली पहचान को नकली रूप में पेश किया गया। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि लोन की रकम का इस्तेमाल कहां हुआ और क्या बैंक अधिकारी भी इसमें शामिल थे।

