लोकसभा में शून्यकाल के दौरान गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने ढाबों, होटलों और रेस्तरां में परोसे जाने वाले खाने की मात्रा, मूल्य और गुणवत्ता को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे जनहित से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सरकार से इसमें स्पष्ट मानक तय करने की मांग की। सांसद ने कहा कि भारत में हर दिन करोड़ों लोग होटल और ढाबों में भोजन करते हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि दिए गए मूल्य के बदले उन्हें कितनी मात्रा का खाना मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि फूड सर्विंग

प्रतिष्ठानों में पारदर्शिता की बेहद कमी है। रवि किशन ने सरकार से अनुरोध किया कि देशभर के सभी होटलों, रेस्तरां और ढाबों में “कीमत-गुणवत्ता-मात्रा” के मानकों को विधिक रूप से तय किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो सके। सरकार की प्रतिक्रिया अब देखी जानी बाकी है।

