गूगल और एप्पल की मुश्किलें यूके में बढ़ती जा रही हैं। यूके की कॉम्पिटिशन एंड मार्केट्स अथॉरिटी (CMA) ने दोनों टेक कंपनियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, CMA इन्हें “स्ट्रैटेजिक मार्केट स्टेटस” दे सकता है, जिससे इन कंपनियों के ऐप स्टोर पर नियंत्रण के तरीके में बदलाव आ सकता है। विवाद की

जड़ है इन-ऐप परचेज पर भारी कमीशन—एप्पल और गूगल डेवलपर्स से 30% तक वसूलते हैं। अब CMA चाहती है कि पेमेंट सिस्टम में पारदर्शिता लाई जाए और यूजर्स को थर्ड-पार्टी वॉलेट का विकल्प मिले। एप्पल पर ऐप रिव्यू डेटा का दुरुपयोग कर अपनी सेवाएं प्रमोट करने का आरोप भी लगा है। हालांकि, एप्पल ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए यूजर प्राइवेसी को खतरे में बताकर चिंता जताई है। नियम अगले साल लागू हो सकते हैं।

