यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के उस नए कानून के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है, जिसे भ्रष्टाचार विरोधी संस्थाओं की स्वतंत्रता छीनने वाला बताया जा रहा है। संसद द्वारा पारित इस कानून पर जेलेंस्की ने भी हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिससे नेशनल एंटी-करप्शन ब्यूरो (NABU) और स्पेशलाइज्ड एंटी-करप्शन प्रॉसिक्यूटर्स ऑफिस (SAPO) की जांच पर सरकारी नियंत्रण बढ़ जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि युद्ध के बीच

भ्रष्टाचार से लड़ना सबसे ज़रूरी है, लेकिन सरकार इसके उलट कदम उठा रही है। NABU और SAPO ने संयुक्त बयान में चेताया है कि अगर यह कानून लागू हुआ, तो उनकी स्वतंत्रता खत्म हो जाएगी। यूरोपीय संघ ने भी इस कानून को यूक्रेन के लिए पीछे की ओर कदम बताया है। लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है और यह प्रदर्शन जेलेंस्की सरकार के लिए खतरे की घंटी बनता जा रहा है।

