फेस संस्था की ओर से बालिका शिक्षण केंद्र की छात्राओं की प्रतिभा को निखारने के मद्देनजर आग़ाज़ समारोह का आयोजन किया गया। आई इंपैक्ट संस्था के माध्यम से अजीम प्रेमजी फिलैंथ्रोपिक इनिशिएटिव के द्वारा प्रायोजित बालिका शिक्षक परियोजना के तहत कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपायुक्त मनीष कुमार, डीडीसी महेश कुमार संथालिया, समाजसेवी लुत्फल हक, डीएवी के प्राचार्य डॉ विश्वजीत चक्रवर्ती, आई इम्पैक्ट की प्रीति मुंजाल तथा फेस की सचिव रितु पांडेय ने दीप प्रज्वलित कर किया। उपायुक्त ने फेस के कार्यों की खुलकर प्रशंसा करते हुए बच्चियों को प्रेरणादायक कहानियों के माध्यम से खुद को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। उपायुक्त ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए खुद को मजबूती से तैयार करना होगा। अपने बेहतर भविष्य के लिए लगन और हौंसला के साथ अनुशासन जरूरी है। उन्होंने कहा कि संगति का प्रभाव मानव जीवन पर बहुत गहरा होता है।

अच्छी संगति व्यक्ति को महान बनाती है जबकि बुरी संगति उसका पतन करती है। उपायुक्त ने मां के नाम एक पेड़ के स्लोगन को दोहराते हुए बेटी के नाम एक पेड़ लगाने का भी आग्रह किया। उपायुक्त ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम लगाएं, जिन्होंने आपको छांव दिया और एक पेड़ बेटी के नाम लगाएं, जिन्हें आप छांव देना चाहते हैं। फेस संस्था की सचिव रितु पांडेय ने कहा कि बच्चियों को अच्छी शिक्षा का आधार देकर उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना फेस संस्था का लक्ष्य रहा है। इस लक्ष्य को हासिल भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के महत्व को समाज और समुदाय समझ रही है और यही हमारी उपलब्धि है। फेस आगे भी इस प्रयास को जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि फेस के द्वारा आई इंपैक्ट तथा एपीपीआई के सहयोग से बालिका शिक्षा परियोजना का सफर साल 2014 से शुरू हुआ था। पाकुड़ जैसे पिछड़े जिले के लिए बालिका शिक्षा एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन फेस ने उन सारी चुनौतियों को स्वीकारा और लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ता गया।

