
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक ऐतिहासिक पहल के तहत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के शिकार हुए कश्मीरी नागरिकों के 80 से अधिक परिवारों से मुलाकात की। दशकों से उपेक्षित इन परिवारों को पहली बार सरकार की ओर से सुनवाई और सम्मान मिला। LG सिन्हा ने कहा कि जिन पीड़ितों के परिजन सरकारी नौकरी के हकदार हैं, वे जिला उपायुक्त (DC) को आवेदन दें — 30 दिन में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं जो सदस्य व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, उन्हें भारत सरकार से आर्थिक सहायता भी मिलेगी। LG ने यह भी कहा कि जिन मामलों में FIR तक दर्ज नहीं हुई, वहां अब केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आतंकवादियों के समर्थकों द्वारा कब्जाई गई संपत्तियां भी मुक्त कराई जाएंगी। मनोज सिन्हा ने स्वीकार किया कि 2019 से पहले आतंकियों के जनाज़े निकलते थे, लेकिन आम कश्मीरी पीड़ितों को भुला दिया गया था। अब सरकार इन परिवारों को न्याय और सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

