
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजधानी में आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस 2025’ कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था। अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि “25 जून 1975 को देश में लोकतंत्र का गला घोंटा गया था। देश की जनता की आवाज दबाई गई, संविधान की आत्मा को रौंदा गया।” उन्होंने कहा कि आज का दिन उन लोगों को याद करने का है जिन्होंने आपातकाल के खिलाफ संघर्ष किया, जेलें झेली और लोकतंत्र को जिंदा रखा। शाह ने युवाओं से अपील की कि वे इस दिन को सिर्फ अतीत की याद न मानें, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लें। कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ नेता और आपातकाल के साक्षी रहे लोग शामिल हुए। मंच से यह संदेश दिया गया कि ऐसा दौर फिर न लौटे।

