
के.के.एम. बी.एड. कॉलेज को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा दी गई मान्यता हाल ही में समाप्त कर दी गई है। इस निर्णय से संबंधित कॉलेज में अध्ययनरत सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में आ गया है। यह कॉलेज पाकुड़ जैसे पिछड़े और जनजातीय बहुल क्षेत्र में स्थित है जहाँ के विद्यार्थी सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी उच्च शिक्षा की आकांक्षा लेकर बी.एड. पाठ्यक्रम में प्रवेश लेते हैं।यह कॉलेज पाकुड़ में एक मात्र सरकारी बीएड कॉलेज है।वर्तमान में मान्यता समाप्त हो जाने के कारण न केवल छात्रों का शैक्षणिक सत्र बाधित हो रहा है, बल्कि भविष्य में शिक्षकीय सेवाओं के लिए आवेदन की संभावना भी समाप्त हो रही है।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास के सैकड़ों छात्रों ने भी एड की पढ़ाई को पुनः शुरू करवाने के पक्ष में प्राचार्य को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि सात दिन के भीतर अगर इस मुद्दे पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो कालेज में तालाबंदी किया जाएगा।

