
बिहार के कटिहार में एक बार फिर रेल हादसे ने मानव जीवन को झकझोर दिया है। अवध-असम एक्सप्रेस एक ट्रॉली से टकरा गई, जिसमें एक ट्रॉलीमैन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। पिछले एक साल में देशभर में 98 रेल हादसे हो चुके हैं, जिनमें 26 लोगों की जान जा चुकी है और 170 से अधिक घायल हुए हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है—आख़िर जिम्मेदारी कौन लेगा? लोग दहशत में हैं, यात्रा असुरक्षित हो गई है, लेकिन सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। जनता की सुरक्षा से ज़्यादा ध्यान PR और प्रचार में लगाना कहीं से भी उचित नहीं। अब जवाबदेही ज़रूरी है।

