“सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक जामुन बेचने वाले युवक ने जब पुलिसकर्मियों को मुफ्त में जामुन देने से इनकार किया, तो पुलिस ने पहले उससे बहस की और फिर उसे सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। यही नहीं, वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि पुलिस की गाड़ी ने युवक को टक्कर भी मारी। यह घटना लोगों के बीच गुस्से का कारण बन गई है। क्या जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए

तैनात पुलिस का यही चेहरा है? एक गरीब को उसके हक की कमाई से वंचित कर, उसे सरेआम पीटना—क्या ये कानून के रक्षक का काम है या भक्षक का? इस वीडियो ने फिर एक बार सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो इंसाफ की उम्मीद किससे करें?”

