“‘प्रसाद में कोई धर्म नहीं होता’—TMC मंत्री इंद्रनील सेन के इस बयान से पश्चिम बंगाल में नया राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। दीघा में बने जगन्नाथ मंदिर के प्रसाद को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि मंदिर में असली महाप्रसाद नहीं, बल्कि लोकल मिठाइयाँ ₹20 में बाँटी जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ है। वहीं, TMC का कहना है कि भाजपा केवल चुनावी फायदा उठाने के लिए इस मुद्दे को तूल दे रही है। उधर ओडिशा

के पुजारियों और कलाकारों ने भी दीघा मंदिर के ‘महाप्रसाद’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है, कहते हैं यह सिर्फ पुरी मंदिर तक सीमित है। मामला अब सांस्कृतिक अस्मिता से लेकर धार्मिक पहचान तक जा पहुंचा है, जहां आस्था और राजनीति की रेखाएँ धुंधली होती दिख रही हैं।”

