
झारखंड में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खूंटी जिले में एक निर्माणाधीन कुएं के ढहने से दो स्कूली छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई। बच्चे करीब 22 घंटे तक मिट्टी में दबे रहे, जिनके शव गुरुवार को बरामद किए गए। रांची में मिट्टी का मकान गिरने से 10 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। वहीं, खूंटी-सिमडेगा सड़क मार्ग भी पुल टूटने से बाधित हो गया है। जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकाई नदियां उफान पर हैं, चांडिल डैम के फाटक खोलने से खतरा और बढ़ गया है। सैकड़ों घरों में नाले का पानी घुस गया है। मैथन डैम के गेट भी खोले गए हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका है। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। विधायक और प्रशासनिक अधिकारी राहत कार्य में जुटे हैं। मानसून की पहली बारिश ने राज्यभर में इमरजेंसी जैसी स्थिति पैदा कर दी है।

