
राहुल गांधी के 55वें जन्मदिन पर कांग्रेस पार्टी ने एक नए चुनावी कैंपेन की शुरुआत की है — “रोज़गार मेला”। पार्टी इसे बेरोजगारी के खिलाफ युवाओं की आवाज़ बताकर आगामी चुनावों के लिए अपने एजेंडे का अहम हिस्सा बना रही है। देशभर में आयोजित किए जा रहे इस रोज़गार मेले के तहत कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि बीजेपी शासन में युवाओं को सिर्फ़ जुमले मिले हैं, नौकरियाँ नहीं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी का यह जन्मदिन “सिर्फ़ उत्सव नहीं, संघर्ष की नई शुरुआत” है। इस मौके पर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर अभियान तेज कर दिया है, जिसमें सरकारी भर्तियों की खाली सीटों, पेपर लीक और ठेके की नौकरियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकार इसे 2029 की रणनीतिक तैयारी की शुरुआत मान रहे हैं।

