क्या रक्तदान बनेगा वरदान?

क्या रक्तदान बनेगा वरदान?

जी हां यह एक बड़ा सवाल है, विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर पूरे कोयलांचल में जगह जगह अनेक अनेक स्वयंसेवी संस्थाओं, समाजसेवी संस्थाओं,और विभिन्न संगठनों के द्वारा हज़ारों यूनिट रक्त ,रक्तदान शिविर लगाकर दो दिनों में 14 और 15, जून को इकट्ठे, किए गए जो कि विभिन्न अस्पतालों में चाहे वो निजी हों या सरकारी के blood बैंक में भेज दिए गए लोगों ने बढ़ चढ़ कर रक्तदान भी किया , परंतु सवाल ये उठता है कि क्या बिना किसी परेशानी, पहुंच,या कीमत चुकाए, जरूरत मंद को समय पर ये उपलब्ध हो पाएगा? क्योंकि आमतौर पर हमेशा आम लोगों को एक एक यूनिट blood के लिए भटकते देखा गया है यही नहीं चाहे वो सरकारी अस्पताल हो या गैर सरकारी इसका फायदा उठाते हुए मनमानी पैसे भी वसूलते हैं। ऐसे में सरकार का यह फर्ज बनता है कि इसपर पैनी नजर रखे।

बात अगर मारवाड़ी युवा मंच उदय शाखा धनबाद की करे तो धनबाद के बैंक मोड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स में और उर्मिला टावर में दो दो दिन रक्तदान शिविर आयोजित कर न सिर्फ कई यूनिट blood संग्रह किया बल्कि युवाओं को प्रेरित भी किया कि वे इस काम के लिए आगे आएं। सूर्यदेव सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर भी झरिया में रक्तदान शिविर लगाया गया । पंख एक नई दिशा ने भी धनबाद के pmch अस्पताल में ही रक्तदान शिविर लगाया। मैथिलानी सखियों ने भी धनबाद के सी. एम. सी. अस्पताल में रक्तदान शिविर लगाकर अपनी जिम्मेवारी पूरी की । रोटी बैंक यूथ क्लब ने भी रक्तदान शिविर लगाकर blood बैंक के लिए रक्त संग्रह किया और लोगो को समझाया कि शरीर को निरोग रखने के लिए भी रक्तदान करना चाहिए। इस प्रकार और भी अनगिनत संगठनों ने अपने प्रयास पूर्वक लोगो से रक्त रक्तदान करवाया जो कि एक सराहनीय कार्य है। प्रस्तुत है सहयोगी संदीप दत्ता के साथ पंकज सिन्हा की रिपोर्ट धनबाद से।

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