एक तरफ सरकार चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगी हुई है तो वहीं दूसरी ओर सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। ऐसा ही मामला सामने आया है जहां एंबुलेंस चालक के दुर्व्यवहार और एंबुलेंस में आक्सीजन के अभाव के कारण मरीज के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा, नतीजतन जमकर हंगामा मचा। परिजनों ने हंगामा करते हुए एंबुलेंस में तोड़फोड़ की। मरीज को एंबुलेंस से उतार कर टोटो से अस्पताल भेजा गया। इसी दौरान मौका देखकर चालक एंबुलेंस लेकर भाग निकला। उक्त घटना गुरुवार की देर शाम करीब 8:30 बजे ईशाकपुर रेलवे फाटक के पास की है। जानकारी के मुताबिक शाम करीब 8:30 बजे के आसपास ईशाकपुर रेलवे फाटक पर एक एंबुलेंस आकर रुकी, कुछ लोग एंबुलेंस के पिछले दरवाजे से निकले और हंगामा करने लगे।

लोगों को जब तक माजरा समझ में आता, तब तक एंबुलेंस में तोड़फोड़ शुरू हो गई। मरीज के परिजन एंबुलेंस में मरीज के साथ बैठे थे। परिजनों के हंगामे से वहां भीड़ ने परिजनों को समझा बूझाकर शांत कराया। रेलवे फाटक खुलने पर मरीज को टोटो से अस्पताल भेजा गया। इस दौरान मौजूद मरीज के भाई नवादा ग्राम निवासी मुकलेसुर रहमान ने बताया कि उनके भाई आहाद शेख बीमार है व उन्हें सांस की तकलीफ है। अस्पताल में चेकअप और इलाज कर छुट्टी दे दिया था। शाम को मरीज की तबीयत काफी बिगड़ गई। इसके बाद उन्होंने एंबुलेंस के लिए फोन लगाया। एंबुलेंस दो घंटे बाद पहुंचा। रास्ते में ऑक्सीजन की मांग किए जाने पर एंबुलेंस के चालक ने ऑक्सीजन नहीं होने की बात कही, एंबुलेंस के अंदर गर्मी से सभी के दम घुट रहे थे जिसके कारण मरीज के साथ बैठे एक अन्य व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने से वह बेहोश हो गया। एंबुलेंस के चालक को रास्ते में कई बार रुकने के लिए कहा गया, लेकिन नहीं रुका। फाटक में जैसे ही एंबुलेंस रुकी, घुटन से बचने के लिए पीछे के गेट से लोग बाहर निकले। इधर सिविल सर्जन डॉ मंटू कुमार टेकरीवाल ने घटना से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि मुझे घटना की जानकारी नहीं है।

