बीमारी से जूझ रहा है मुखर्जी धौड़ा, स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर ग्रामीण

बीमारी से जूझ रहा है मुखर्जी धौड़ा, स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर ग्रामीण


गांव के लोगो को मानना है कि ये माता जी का प्रकोप है।इसलिए सिर्फ पूजा पाठ और नीम के पत्तों से झाड़फूंक पर भरोसा कर रहे है।हालांकि कुछ लोग इससे ठीक भी हो गए है।लेकिन अब भी दर्जन भर लोग इससे आक्रांत है।शुक्रवार को एक परिवार की 12 साल की बच्ची इलिशा कुमारी बीमारी से गम्भीर हो गई।उसे धनबाद सिटिजन मेडीकल सेंटर में भर्ती किया गया है। चिकित्सक उसे चमकी बुखार होने की बात कही है। बीमारी के डर से गांव छोड़ा,,, कुछ ऐसे परिवार है जो बीमारी फैलने के डर से मुहल्ले छोड़कर गांव चले गए है।इसमें रामजी भुईयां का परिवार सहित अन्य लोग शामिल है।इस प्रकोप की वजह ग्रामीण गंदगी बता रहे है।ग्रामीणों का कहना है कि एक साल से नाली की सफाई नही हुई है।बारिश होते ही नाली का गंदा पानी सभी के घरों में घुस जाता है। नाली काफी जर्जर है।1995 के बाद से कभी नाली निर्माण नही हुआ है।

ग्रामीण ने कहा कि यहां नाली निर्माण की अतिआवश्यकता है।कभी ब्लीचिंग का छिड़काव भी नही होती। दलितों की बस्तियां,,, कतरास नगर अंचल कार्यालय से मजह सात किलोमीटर पर लोयाबाद के तीन नंबर मुखर्जी धौड़ा में करीब 250 लोगो की आबादी है।इस मुहल्ले मे अधिकतर लोग दलित समाज के लोग निवास करते है। इसमे भी अनुसूचित जाति के लोग ज्यादा है।बस्ती के लोग मजदूरी कर अपने परिवारों का जीवन यापन करते हैं।यह वार्ड सात का इलाका पड़ता है। इस ये लोग है आक्रांत,, सरस्वती देवी शारदा देवी बसंती देवी बासो देवी कमली देवी सूरज कुमार भुईयां,आशीष,सोनाक्षी,प्रेम कुमार रामजी भुईयां का पूरा परिवार, कुलेश्वर भुईयां आदि लोग आक्रांत बताये जा रहे है।

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