पाकुड़ में नव पदस्थापित पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के पद ग्रहण के बाद से हालांकि आम शहरी को आंशिक रूप से नो एंट्री के समय भारी वाहनों के शहर में प्रवेश करने, टोटो चालकों के द्वारा उनके वाहनों को यत्र यत्र खड़े करने व अहले सुबह से ही ओवर लोडिंग बालू लदे ट्रैक्टर के परिचालन से राहत तो मिली है लेकिन अभी भी कुछ चीजें पहले की तरह बदस्तूर जारी है। अभी भी नो एंट्री के समय सुबह सात बजे से आठ बजे के बीच पत्थर, चिप्स व बालू लदे वाहनों का आवागमन जारी है और वो भी शहरकोल से लेकर सिदो-कान्हू चौक से बेखबर होकर निकलते हैं ये वाहन, क्योंकि इस समय शहर के मुख्य चौक चौराहों पर किसी तरह की कोई ट्रैफिक व्यवस्था नहीं रहती है।

सिदो-कान्हू चौक की स्थिति तो और भी बदतर रहती है। सुबह यहां कोई आरक्षी रहता ही नहीं है और रहता भी है तो चौराहा छोड़कर बस स्टैंड के समीप खड़े होकर ड्यूटी बजाता है। उधर ग्रामीण इलाकों में भी पुराने तरीके से अवैध परिवहन का सिलसिला जारी है। सदर प्रखंड के मालपहाड़ी व चेंगाडांगा में एक सेवानिवृत्त चौकीदार पुत्र के द्वारा बेझिझक रुप से पत्थरों का अवैध परिवहन करवाया जाता है। इलाके में उक्त चौकीदार पुत्र का दबदबा कायम है। इस मामले में स्थानीय लोगों ने नाम ना छापने के शर्त पर बताया कि चौकीदार पुत्र का पुलिस महकमे से प्रगाढ़ संबंध है जिसके कारण स्थानीय ग्रामीण चुप रहने को बाध्य हैं। दूसरी तरफ सूत्रों की मानें तो पूरे इलाके में कुछ सफेदपोश राजदार के लोग लगातार सक्रिय रहते हैं ताकि किसी भी तरह की प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी पहले से ही फैला दी जा सके।

