
केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा बिना सरना कोड/आदिवासी धर्म कोड लागू किये जातिगत जनगणना कराए जाने के निर्णय के विरोध में झामुमो ने जिला मुख्यालय में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया।झामुमो जिलाध्यक्ष एजाजुल ईस्लाम ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया।कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि महेशपुर विधायक स्टीफन मरांडी व लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू शामिल हुए।कार्यकर्त्ताओं द्वारा सिदो कान्हू पार्क से गोकुलपुर तक पैदल मार्च किया गया। झामुमो कार्यकर्ताओं ने केन्द्र की भाजपा सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए सरना कोड/आदिवासी धर्म कोड की मांग की। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए स्टीफन मरांडी ने कहा कि पार्टी का इतिहास आंदोलन भरा रहा है। हेमंत सोरेन की सरकार ने सरना कोड विधेयक को विधानसभा से पारित कर केन्द्र सरकार को भेजा । जब तक आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड नही मिलता है तब तक राज्य में जातिगत जनगणना नही होने दिया जाएगा। हेमलाल मुर्मू ने कहा कि भाजपा को आदिवासियों के हितों से कोई सरोकार नहीं है, बीजेपी सिर्फ राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस मुद्दे को उछाल रही है। सरना धर्म कोड आदिवासी अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान है जिसे लेकर झामुमो शुरू से गंभीर रहा है। भाजपा ने हमेशा आदिवासियों की मांगों को दरकिनार किया और अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया है लेकिन झामुमो इसबार आर पार की लड़ाई लड़ेगी और अपना अधिकार लेकर रहेगी। जिलाध्यक्ष एजाजुल ईस्लाम ने भाजपा सरकार पर ईमानदारी से सरना धर्म कोड के समर्थन में कोई पहल ना करने एवं वनाधिकार कानून और स्थानीय नीति जैसे मसलों पर आदिवासियों के खिलाफ कार्य करने का आरोप लगाया।
